गुमला

मूलभूत सुविधाओं की कमी पर भड़के छात्र, अभाविप ने चार घंटे बंद रखा कार्तिक उरांव कॉलेज का गेट

गुमला के कार्तिक उरांव महाविद्यालय में मूलभूत सुविधाओं की कमी, छात्रवृत्ति भुगतान में देरी और शिक्षकों के डेपुटेशन के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की गुमला इकाई ने सोमवार को प्रदर्शन किया. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कॉलेज का मुख्य द्वार करीब चार घंटे तक बंद रखा और प्राचार्य का घेराव कर समस्याओं के समाधान की मांग की. अभाविप कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कॉलेज परिसर में गंदगी का अंबार है और पेयजल व शौचालय की समुचित व्यवस्था नहीं है. प्रदर्शन के बाद प्राचार्य ने सफाई कर्मियों को लगाकर परिसर की साफ-सफाई शुरू कराई.

विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति का भुगतान भी लंबित है. वहीं, छह प्रोफेसरों को तीन दिनों के लिए महिला महाविद्यालय में डेपुटेशन पर भेजे जाने से यहां की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. परिषद ने लंबित छात्रवृत्ति का जल्द भुगतान करने, कॉलेज परिसर, कक्षाओं, कार्यालय और शौचालयों की नियमित सफाई कराने तथा स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की. साथ ही शौचालयों में पानी की उपलब्धता, डेपुटेशन आदेश रद्द करने और महिला महाविद्यालय में अलग से योग्य शिक्षकों की नियुक्ति की मांग उठाई. अभाविप ने कॉलेज के रिक्त पदों पर बहाली, सभी विषयों की नियमित कक्षाएं और समय पर पाठ्यक्रम पूरा कराने की भी मांग की.

गुमला को विश्वविद्यालय का दर्जा देने की मांग

अभाविप के विभाग संयोजक ज्योतिष राम ने कहा कि गुमला को विश्वविद्यालय का दर्जा देना जिले के हजारों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है. जिला संयोजक सन्नी कुमार ठाकुर ने कहा कि शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए. डब्लू भगत ने नियमित कक्षाओं, योग्य शिक्षकों और स्वच्छ परिसर को विद्यार्थियों का अधिकार बताया. परिषद ने चेतावनी दी कि तीन दिनों के भीतर डेपुटेशन के मामले में निर्णय और सात दिनों के अंदर अन्य मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा. प्रदर्शन में विष्णु सिंग, भारती कुमारी, विक्रम साहू, छोटू उरांव, निरोसी, सपना टोप्पो और अनूपा समेत दर्जनों कार्यकर्ता शामिल थे.

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