Matriculation Result : गुमला संत पात्रिक के दिव्यांशु और खिलेश सेकेंड स्टेट टॉपर, एक पुलिस तो दूसरा किसान का बेटा
Matriculation Examination 2026: झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा मैट्रिक परीक्षा 2026 का परिणाम जारी कर दिया गया है. परीक्षा में गुमला जिले के मैट्रिक परीक्षार्थियों का रिजल्ट पूरे राज्य भर में अव्वल रहा है. गुमला जिले का पास परसेंटेज (उत्तीर्ण प्रतिशत) 99.32 प्रतिशत है. इसके साथ ही गुमला जिले के लिए यह भी गौरव की बात है कि परीक्षा में स्टेट टॉप थ्री में गुमला के दो छात्र हैं. संत पात्रिक हाईस्कूल के दिव्यांशु उरांव और खिलेश साहू हैं. दोनों छात्रों का कुल 500 अंक में से 496-496 अंक (99.20 प्रतिशत) है. दोनों छात्र स्टेट सेकेंड टॉपर हैं.
शिक्षक बनने का सपना है : दिव्यांशु
टॉपर दिव्यांशु उरांव जिले के बिशुनपुर प्रखंड के रहने वाला है. इनके पिता शत्रुध्न उरांव झारखंड पुलिस में हैं. जबकि माता नयनतारा देवी मीडिल स्कूल बिशुनपुर में पारा शिक्षिका है. दिव्यांशु अपने इस सफलता का श्रेय स्कूल के शिक्षकों और अपने घर वालों को देते हुए बताया कि वे रोजना पांच-छह घंटे नियमित रूप से पढ़ाई करते थे. उन्होंने अपनी उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए बताया कि उन्हें शिक्षा से काफी लगाव है. हालांकि खेलकूद में भी रुचि है. लेकिन वे अपनी मां की तरह ही शिक्षक बनना चाहते हैं. ताकि वह समाज को शिक्षित कर सके. दिव्यांशु ने कहा कि संतअ पात्रिक स्कूल में सभी विषयों के बेहतर शिक्षक हैं. परीक्षा की तैयारी करने में सभी विषयों के शिक्षकों का मार्गदर्शन मिला है. जिसका परिणाम है. मैं स्टेट सेकेंड टॉपर बना.
प्रशासनिक सेवा में जाने का लक्ष्य : खिलेश
टॉपर खिलेश साहू सिसई प्रखंड के छारदा के रहने वाला है. वर्तमान में वह गुमला शहर के शांतिनगर में रहता है. इनके पिता दीपेंद्र साहू व माता सुमति देवी किसान हैं. इस परिवार का कृषि मुख्य पेशा और आय का स्त्रोत है. बेटे के सेकेंड स्टेट टॉपर बनने पर परिवार में खुशी है. खिलेश ने अपनी इस सफलता का राज खोलते हुए बताया कि परीक्षा की तैयारी को लेकर जब वे पढ़ाई करने बैठते थे तो सबसे पहले कॉपी में लिखकर नोट तैयार करते थे और उसे पढ़ते थे. लिखाई के बीच पढ़ाई इसके बाद फिर से पढ़ाई ने भारी से भारी प्रश्नों को भी हल्का कर दिया और आज वे सेकेंड स्टेट टॉपर हैं. वे अपनी इस सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों व घर वालों को देते हैं. उन्होंने कहा कि वे अपनी पढ़ाई जारी रखेंगे. उन्होंने बताया कि उनका सपना है कि वे प्रशासनिक सेवा में जाकर नागरिकों की सेवा करे.
