मेहरबान हुआ मानसून, गुमला में झमाझम बारिश से खेतों में लौटी रौनक
मंगलवार को सुबह करीब आठ बजे शुरू हुई बारिश दिनभर रुक-रुककर जारी रही. कभी तेज, तो कभी हल्की बारिश ने पूरे जिले को तरबतर कर दिया. कृषि कार्यों के लिए यह बारिश राहत लेकर आयी, जबकि शहर का कारोबार और जनजीवन प्रभावित रहा. जिले में मंगलवार को कुल 234.4 मिमी सामान्य वर्षापात दर्ज किया गया. कृषि कार्यालय गुमला से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, सबसे अधिक 50.4 मिमी वर्षा बसिया प्रखंड में दर्ज की गयी.
इसके बाद गुमला प्रखंड में 45.2 मिमी, डुमरी में 37 मिमी, बिशुनपुर में 28 मिमी, भरनो में 15.1 मिमी, घाघरा और कामडारा में 13-13 मिमी, सिसई में 11 मिमी, रायडीह में 9.5 मिमी, पालकोट में 6.2 मिमी तथा चैनपुर और जारी प्रखंड में तीन-तीन मिमी वर्षापात दर्ज किया गया. जनवरी से अब तक जिले में कुल 431 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गयी है. इस वर्ष जनवरी में बारिश नहीं हुई थी. इसके बाद फरवरी में 5.8 मिमी, मार्च में 34.8 मिमी, अप्रैल में 26.6 मिमी, मई में 17.3 मिमी, जून में 113.5 मिमी तथा जुलाई में मंगलवार तक औसतन 233 मिमी वर्षा हो चुकी है. बारिश के बाद खेतों में पर्याप्त पानी भर जाने से किसानों में उत्साह देखा गया.
कई स्थानों पर किसान बारिश के बीच ही धनरोपनी करते नजर आये. जिले में धान की खेती के लिए निर्धारित 1.88 लाख हेक्टेयर लक्ष्य के मुकाबले मंगलवार तक 44,650 हेक्टेयर (24 प्रतिशत) क्षेत्र में धानरोपनी पूरी हो चुकी है. इसमें 29,624 हेक्टेयर में छींटा विधि तथा 15,026 हेक्टेयर में रोपा विधि से धान की रोपाई की गयी है. हालांकि, गत वर्ष की तुलना में इस बार धनरोपनी की रफ्तार अभी भी पीछे है. किसानों को उम्मीद है कि लगातार बारिश से खेती में तेजी आयेगी.
बारिश से कारोबार प्रभावित, साप्ताहिक बाजार रहा फीका
दिनभर हुई बारिश का असर गुमला शहर के कारोबार पर भी पड़ा. मंगलवार को लगने वाला बड़ा साप्ताहिक बाजार बारिश के कारण फीका रहा. जिले के विभिन्न गांवों और आसपास के जिलों से आने वाले व्यापारी और खरीदार कम संख्या में पहुंचे. शहर की अधिकांश दुकानें भी दिनभर सूनी रहीं, जिससे करोड़ों रुपये के कारोबार पर असर पड़ा.
जनजीवन अस्त-व्यस्त, भींग कर स्कूल पहुंचे विद्यार्थी
लगातार बारिश से जनजीवन भी प्रभावित रहा. स्कूल और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को भींगते हुए विद्यालय पहुंचना पड़ा. छुट्टी के बाद भी उन्हें बारिश के बीच ही घर लौटना पड़ा. हालांकि राहत की बात यह रही कि बारिश के दौरान तेज हवाएं नहीं चलीं, जिससे जिले में किसी प्रकार के बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली.
