कर्ज, बिजली बिल, चेक बाउंस और पारिवारिक विवाद…गुमला में 12 सितंबर को मिलेगा हर समस्या का समाधान
आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर बुधवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह झालसा अध्यक्ष अजीत कुमार सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई. बैठक में उपायुक्त दिलेश्वर महतो, पुलिस अधीक्षक हारिस बिन जमां, डीएफओ बेलाल अहमद, सिविल सर्जन शंभू चौधरी सहित सभी न्यायिक पदाधिकारी और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे.
इसके अलावा स्थायी लोक अदालत के सदस्य शंभू सिंह, बीमा कंपनियों के अधिवक्ता और मोटर वाहन दुर्घटना के दावाकर्ता के अधिवक्ता भी उपस्थित थे. समीक्षा के दौरान प्रधान जिला जज ने सभी न्यायिक पदाधिकारियों को अपने-अपने न्यायालयों में सुलह योग्य मामलों की पहचान कर पक्षकारों को समझौते के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि लोक अदालत न्याय प्राप्ति का एक सरल, त्वरित और किफायती माध्यम है, जिससे आपसी सहमति से विवादों का स्थायी समाधान होता है और अदालतों में मुकदमों का बोझ कम होता है.
बैठक में बैंक ऋण वसूली, विद्युत व दूरसंचार मामले, मोटर दुर्घटना दावा, पारिवारिक विवाद, श्रम विवाद, सुलह योग्य आपराधिक मामले, चेक बाउंस (धारा 138 एनआई एक्ट) और अन्य प्री-लिटिगेशन मामलों का अधिकाधिक संख्या में निष्पादन कराने पर विशेष जोर दिया गया. प्रशासन और न्यायपालिका का संयुक्त प्रयास है कि अधिक से अधिक लोगों को इस लोक अदालत का लाभ मिले.
