सड़क बनेगी या गांव बंटेगा? गुमला के घाघरा के नवाटोली में ग्रामीणों ने निर्माण सामग्री रोकी
गुमला के घाघरा प्रखंड के सरांगो नवाटोली गांव में सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने विरोध जताया. सड़क बनाने के लिए गांव में पत्थर के चिप्स गिराए जा रहे थे. ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण सामग्री गिराने का काम रुकवा दिया.
ग्रामीणों का कहना है कि उनकी लड़ाई सिर्फ नवाटोली गांव की सड़क के लिए नहीं है. खनन क्षेत्र से प्रभावित सभी गांवों में सड़क बनाई जानी चाहिए. ग्रामीणों के अनुसार, करीब एक दर्जन गांवों के विरोध के बाद खनन कंपनी अब नवाटोली में करीब 100 मीटर सड़क बनाने की तैयारी कर रही है.
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सिर्फ एक गांव में सड़क बनाकर कंपनी और प्रशासन गांवों के बीच मतभेद पैदा करना चाहते हैं. उनका कहना है कि अगर सड़क बनानी है, तो सभी प्रभावित गांवों को इसका लाभ मिलना चाहिए. इसी मांग को लेकर ग्रामीणों ने निर्माण सामग्री रोक दी.
इससे गांवों को आपस में लड़ाने की साजिश की जा रही है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ग्रामीणों ने कहा कि सड़क निर्माण को लेकर लंबे समय से आंदोलन चल रहा है. आंदोलन का उद्देश्य किसी एक गांव को सुविधा देना नहीं, बल्कि क्षेत्र के सभी गांवों का समुचित विकास कराना है. ग्रामीणों ने प्रशासन और खनन कंपनी से सभी गांवों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सड़क निर्माण की मांग की है.
इधर आंदोलनकारी नेता सूरज कुमार राम ने कहा कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन सभी गांवों का आंदोलन है. प्रशासन को किसी एक गांव में सड़क बनाने के बजाय पूरे क्षेत्र के विकास पर ध्यान देना चाहिए.
उन्होंने कहा कि जहां सड़क निर्माण के लिए सामग्री गिराई गई है, वहां ग्रामीण इसका विरोध कर रहे हैं. प्रशासन के लोग ग्रामीणों को समझाने पहुंचे थे, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन भी खनन कंपनी के पक्ष में बात कर रहा था. सूरज कुमार राम ने कहा कि वे मैं ग्रामीणों की मांग के साथ हूं और सभी गांवों में सड़क निर्माण होने तक आंदोलन जारी रहेगा.
