गुमला में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी, पॉलिटेक्निक मेस में जांच से मचा हड़कंप
(अंकित कुमार पासवान की रिपोर्ट)
गुमला जिले के नागरिकों को स्वच्छ, शुद्ध और मिलावटमुक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग ने औचक निरीक्षण अभियान चलाया. यह कार्रवाई उपायुक्त गुमला के निर्देश एवं अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सह अभिहित अधिकारी डॉ. धनुर्जय सुम्ब्रई के मार्गदर्शन में की गई. जांच दल का संयुक्त नेतृत्व खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी, कुमार प्रभाकर एवं आशा राज ने किया.
निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा दल गुमला पॉलिटेक्निक कॉलेज पहुंचा, जहां टीम ने छात्रावास की मेस व्यवस्था, रसोई तथा खाद्य सामग्रियों के रख-रखाव का जायजा लिया. अधिकारियों ने मौके पर मौजूद छात्र-छात्राओं से बातचीत कर दैनिक भोजन की गुणवत्ता, मेन्यू चार्ट के अनुसार आपूर्ति और परिसर की साफ-सफाई की जानकारी ली. मेस प्रबंधन को गुणवत्ता मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने की सख्त हिदायत दी गई.
खाद्य कारोबारियों के लिए सख्त दिशा-निर्देश
इस कार्रवाई के साथ ही खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जिले के सभी होटल, रेस्टोरेंट, कैंटीन और खाद्य कारोबारियों को नियमों के अनिवार्य पालन हेतु स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं ‘गोवर्धन गाय छाप रंग’ पर पूर्ण रोक विभाग ने सभी प्रतिष्ठानों को कड़े निर्देश दिए हैं कि खाद्य सामग्री तैयार करने में किसी भी सूरत में ‘गोवर्धन गाय छाप रंग’ का प्रयोग न करें.अखाद्य व औद्योगिक उत्पादों पर प्रतिबंध: बाजार में जिन उत्पादों पर “For Industrial use only – Not For Human Consumption” (केवल औद्योगिक उपयोग के लिए, मानव उपभोग हेतु नहीं) अंकित होता है, उनका उपयोग खाद्य पदार्थों में पूरी तरह प्रतिबंधित है. हानिकारक रसायनों के इस्तेमाल पर सख्त पाबंदी रहेगी. हाइजीन प्रोटोकॉल का पालन: खाद्य सामग्री तैयार करने और परोसने वाले सभी कर्मियों को अनिवार्य रूप से एप्रन, ग्लव्स और हेडगियर पहनना होगा तथा कार्यस्थल पर पूर्ण स्वच्छता बनाए रखनी होगी.
विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी, प्रतिबंधित रंगों या अखाद्य पदार्थों का उपयोग करते पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
